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Friday, 30 December 2011

<>_<>dil jise patthar banaa liyaa main ne<>_<>


<>_<>dil jise patthar banaa liyaa main ne<>_<>
afaa ke shiish mahal mein sajaa liyaa main ne
vo ek dil jise patthar banaa liyaa main ne

ye soch kar ki na ho taak mein Khushii koii
Gamo.n ki oT me.n Khud ko chhupaa liyaa main ne

kabhii na Khatm kiyaa mai.n ne roshanii kaa muhaaz
agar chiraaG bujhaa, dil jalaa liyaa main ne

kamaal ye hai ki jo dushman pe chalaanaa thaa
vo tiir apane kaleje pe khaa liyaa main ne

jisakii adaavat mein ek pyaar bhii thaa
us aadamii ko gale se lagaa liyaa main ne  

Thursday, 29 December 2011

Remember




 

Remember 
There are sorrows which are like rivers waterfalls, slip and fall soft on your life without stopping to obstacles, and then lead to the beaches of your future happiness.

Jab Bhi Wo Aati Hai, Dil Dhadak Jata Hai

Hanso Mat Meri Baat Par

कचहरी न जाना- कचहरी न जाना.


भले डांट घर में तू बीबी की खाना, भले जैसे -तैसे गिरस्ती चलाना

भले जा के जंगल में धूनी रमाना,मगर मेरे बेटे कचहरी न जाना

कचहरी न जाना- कचहरी न जाना.

Tuesday, 27 December 2011

हम भूलते रहे याद आती रही


आओ फरिश्तों से कुछ बात करें ----राजीव चतुर्वेदी


"आओ फरिश्तों से कुछ बात करें 

बहुत उदास है ये रात 

कोहरे के लिहाफ ओढ़ कर शायद तुम हो जो झांकती हो मुंडेरों से अभी 
चाँद की बिंदी लगा लो अपने माथे पर 
समझलो तुम सुहागिन हो 
तुम्हारी मांग में शफक सिन्दूर भर कर खोगई है भोर में 
मैं लौट के आऊँगा देख लेना 
तन्हाईयों में गूंजती रुबाईयों जैसा 
धूप में सूखती रजाईयों जैसा 
मैं लौट के आऊँगा देख लेना 
हादसे में हाँफते सुबह के अखबार में सिमटा 
देख लो तुम्हारी गोद में सर रखे सूरज सा लेटा हूँ मैं 
एक रोशन सच चरागों से चुरा लाया हूँ मैं 
तुम्हारी आँख में काजल लगा दूं रात का 
मैं खो जाऊंगा तह किये कपड़ों में रखे स्नेह के सुराग सा 
मैं याद आऊँगा सूनी मांग से सिन्दूर के संवाद सा 
तुम्हारी आँख में काजल लगा दूं रात का 
मैं जाता हूँ सितारों ने बुलाया है दूर से मुझको 
ओढ़ लो कोहरे की चादर 
बहुत सर्द है रात." ----राजीव चतुर्वेदी

Monday, 26 December 2011

Mujhay Itna Pyaar Na Do Papa



Sunday, 25 December 2011

What Is Love ? ?


little lover no18048
I Ask My Girlfriend
What Is Love ? ?
People Talk So Much About
Love But I Don't Really Know
What It Is . . . ?

Saturday, 24 December 2011

<>_<>GLAD YOU ARE THERE<>_<>

<>_<>GLAD YOU ARE THERE<>_<>


The world is getting smaller
But my heart is big enough
To accept the caring friendship
You're there when things get rough

If life is like an ocean
We sail from sea to sea
I'm less alone on this long trip
Knowing you're there with me

Accept this hug I give you
It comes right from my heart
True friends are gems that shine so bright
Even though we're worlds apart

So I'll be looking for you
Don't you dare go away and hide
I need the smiles and laughter
Thanks for being at my side

आपसे दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे,

आपसे दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे,
क्या करे हमारी पसंद ही कुछ "ख़ास" है. .
चिरागों से अगर अँधेरा दूर होता,
तोह चाँद की चाहत किसे होती.
कट सकती अगर अकेले जिन्दगी,
तो दोस्ती नाम की चीज़ ही न होती.
कभी किसी से जीकर ऐ जुदाई मत करना,
इस दोस्त से कभी रुसवाई मत करना,
जब दिल उब जाए हमसे तोह बता देना,
न बताकर बेवफाई मत करना.
दोस्ती सची हो तो वक्त रुक जता है
अस्मा लाख ऊँचा हो मगर झुक जता है
दोस्ती मे दुनिया लाख बने रुकावट,
अगर दोस्त सचा हो तो भी झुक जता है.
दोस्ती वो एहसास है जो मिटती नही.
दोस्ती पर्वत है वोह, जोह झुकता नही,
इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे,
यह वो "अनमोल" मोटी है जो बिकता नही . . .
सची है दोस्ती आजमा के देखो..
करके यकीं मुझपर मेरे पास आके देखो,
बदलता नही कभी सोना अपना रंग ,
चाहे जितनी बार आग मे जला के देखो

Dekh tere baghair jeene ki aadat nahi humein


Aisa Nahi k tujhse mohabbat nahi humein,
ghum roz roz rehne ki aadat nahi hemein,

Har baar tere saamne sir ko jhuka liya,
aur phir bhi  tujhse shikayat nahi humein,

Tu ye aitbaar kar k tujhe chahte hain hum,
Tere siwa kisi ki bhi chahat nahi humein,

Hum jante hain k tu bhi hai tanha hamare bin,
Auron se poochne ki zaroorat nahi humein,

Tu Qatal Bhi karde to aayenge tere pass,
Dekh tere baghair jeene ki aadat nahi humein:-)

Friday, 16 December 2011

Sunday, 11 December 2011

You Will Miss Me


 
When On Your Cheek Will Ba A
Drop Of Tear
When Lonely At Night You Will
Tremble With Fear
When You Have A Lot Of
Things To Say
But Simply No One With Whom
You Could Share
Then
You Will Miss Me

Wednesday, 7 December 2011

उसके हाथ में कांटे और सपनों में गुलाब था ----राजीव चतुर्वेदी



"उसके हाथ में कांटे और सपनों में गुलाब था,

जिन्दगी में खालीपन जुबां पे इन्कलाब था

पाँव में जूते नहीं वह मंजिलें पहने चला था 

उसकी सूखी सी आँखों में उफनता सैलाब था

रास्ते रिश्तों को लेकर चल पड़े थे मकानों से दूर 

भावना सदमें में थी भीतर भी एक फैलाब था 

रिश्ते सर्द हो चले थे, सांस सहमी थी, दिशाएं शून्य थी 

समंदर की थी ख्वाहिश उसे, मेरे दिल में तो तालाब था." ----राजीव 

चतुर्वेदी

Tuesday, 6 December 2011

I Saw Her Again Today


Girl :
I Saw Him Again Today
I Tried Smiling At Him,
But He Just Looked Away
I Regret Doing Everything I Did To Hurt Him
......I Know He Wouldn't Want Me Now
He's The Only Thing On My Mind
I Was Stupid And Naive,
It Shouldn't Have Ended
I Wish I Could Tell Him:
How Much I Need Him
 

Sunday, 4 December 2011

अपनी भी जान दाव पर लगाओ ! " --- राजीव चतुर्वेदी



" पावर हाउस के बाहर झोपड़ी में लटकी है एक लालटेन,


भोजनालयों के बाहर भूखे भिखारियों की भीड़


स्कूलों के बाहर खिलोने से खेलने की उम्र में खिलोने बेचते अनपढ़ बच्चे


गंगोत्री के इलाके में पेयजल समस्या




जो इलाके सूखे से त्रस्त होते है वही बाढ़ में पस्त होते हैं

मंदिर मस्जिद गुरद्वारों में आतंकियों को पनाह

प्यार का अभाव पर सेक्स सरे राह

शहरों में मोटापा और किसानो में भुखमरी




भूखे पेट भरे गोदाम अखबारों में चर्चा आम 

मंदिरों में सन्नाटा और जेलें हाउसफुल

सांसद में बहस बंद और सड़क पर बहसें

दिल से पतिता ब्लॉग पर कविता




मानवता ने सबकुछ कर लिया है प्रभु !

तुम सही वितरण ही करदेते , वह भी नहीं कर सके

हम कब तक तुम्हारी लड़ाई लड़ें तुम भी तो कभी आओ

अपनी भी जान दाव पर लगाओ ! " --- राजीव चतुर्वेदी

Thursday, 1 December 2011

किताबों के पन्ने पलट के सोचती हूँ ( Kitaabon ke Panne Palat Kar Sochti Hun)


किताबों के पन्ने पलट के सोचती हूँ
यू ही पलट जाये ज़िन्दगी तो क्या बात है.

ख़्वाबों मैं जो रोज़ मिलता है,
वो हकीकत मैं आये तो क्या बात है.

कुछ मतलब के लिए ढूंढ़ते है सब मुझको,
बिन मतलब जो आये तो क्या बात है.

कत्ल कर के तो सब ले जायेंगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाये तो क्या बात है.

जो शरीफों की सराफत मैं बात न हो,
एक शराबी कह जाये तो क्या बात है.

अपने रहने तक तो ख़ुशी दूंगी सबको,
जो किसी को, मेरी मौत पर ख़ुशी मिल जाये तो क्या बात है

हम वो नहीं जो मतलब से याद करते है ( Hum Wo Nahi Jo Matlab Se Yaad Karte hain)


हम वो नहीं जो मतलब से याद करते है,
हम वो है जो दिल से दोस्ती करते है,
तुम्हारा पैगाम आये ना आये,
पर हम हर पल याद करते है| ,,,,,,,,,,,,

कुछ रिश्ते खुदा बनता है,कुछ रिश्ते हम लोग बनते है,
कुछ लोग बिना रिश्ते के रिश्ता निभाते है,
वही लोग शायद दोस्त कहलाते है|

रिश्ते तो सभी अनमोल होते है,
पर इसे अहमियत कुछ अच्छे लोग देते है,
दोस्त तो सभी को देता है खुदा,
पर इसमें जगह आप जैसे दोस्त ही लेते है|,,

दोस्ती हर इंसानों को आजमाती है,
किसी से रूठ जाती है और किसी पे मुस्कराती है,
दोस्ती खेल ही ऐसा है,किसी को कुछ दे जाती है तो,
किसी का सबकुछ ले जाती है|,,

ख़ामोशी में जो सुनाओगे वो आवाज हमारी होगी,
जिंदगी भर साथ रहे वो दोस्ती हमारी होगी,
दुनिया कि हर ख़ुशी एक दिन तुम्हारी होगी,
क्योकि उनके पीछे दुआ हमारी होगी

When I Saw Your Eyes !!












www.dilsedesi.co

Romantic Hindi Sms

Pal Bhar ka Saath Kuchh Aisa Ho

Har Raat Ke Chand Par Hai Noor Aapse

Tuesday, 29 November 2011

आज कुछ नहीं लिखूंगा. " -- राजीव चतुर्वेदी



"आओ कुछ अच्छा लिखें
राष्ट्रपति पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
इन्द्र गांधी की रसोइया का राष्ट्रपति बन जाना उनके लिए गर्व की बात है 
प्रधान मंत्री पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
हालांकि उन्हें देश की जनता ने कभी नहीं चुना किन्तु वह प्रधानमंत्री हैं
सोनिया पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
क्योंकि वह देश राजनीति से नहीं देह राजनीति के रास्ते यहाँ तक पहुँची हैं
राहुल गांधी हों या महाजन पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
अर्थ नीति पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
राजनीति पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
खेल नीति / विदेश नीति पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
क़ानून व्यवस्था पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
पुलिस पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
मायाबती/ मुलायम/ करूणानिधि/ यदुरप्पा /कल्माणी / कनीमोझी पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
"शीला" कहो तो "शीला की जवानी" याद आती है दिल्ली की मुख्यमंत्री नहीं
रोबर्ट्स बढेरा हों या चटवाल सभी हैं मालामाल पर देश हो रहा है कंगाल उस पर अच्छा नहीं लिखा जा सकता
कोंग्रेस /भाजपा /माकपा पर अच्छा लिखा नहीं जा सकता
अपने और पराये काले धन का अनुलोम विलोम करते स्वामी रामदेव पर भी अब अच्छा लिखने का मन नहीं करता 
अपने गुरु की रहस्यमय ह्त्या का राज्याभिषेक रामदेवनुमा राजनीति को रोमांचित करता है
जनता यानी कि हमारे आपके चितकबरे चरित्र पर भी अच्छा नहीं लिखा जा सकता
NGO के टेस्ट ट्यूब बेबी अग्निवेश,संदीप पाण्डेय,तीस्ता सीतलवाद,किरण बेदी, केजरीवाल, शबाना आजमी , महेश भट्ट
अनुदानों के कीचड़ में किलोलें कर रहे हैं, इन पर भी अच्छा नहीं लिखा जा सकता
अन्ना का पन्ना अभी लिखा जाना शेष है
आसान किश्तों में जेल जा रहे और जनता से जूते थप्पड़ खा रहे
मनमोहन मंत्रिमंडल के बारे में भी कुछ अच्छा नहीं लिखा जा सकता
आतंकवाद में शामिल मौलवियों के बारे में भी अच्छा नहीं लिखा जा सकता
और यौनशोषण के आरोपों में लिप्त महंतों और पादरियों के बारे में भी अच्छा नहीं लिखा जा सकता
क्रिकेट पर दाउद की दया है, उसका हर मैच फिक्स है बाकी खेल दयनीय से हैं उनकी दशा पर अच्छा नहीं लिखा जा सकता 
इसी लिए आज छुट्टी
आज कुछ नहीं लिखूंगा. " -- राजीव चतुर्वेदी

Sunday, 27 November 2011

ज़मीन, ना सितारे, ना चाँद, ना रात चाहिए,





 ज़मीन, ना सितारे, ना चाँद, ना रात चाहिए,
दिल मे मेरे, बसने वाला किसी दोस्त का प्यार चाहिए,
ना दुआ, ना खुदा, ना हाथों मे कोई तलवार चाहिए,
मुसीबत मे किसी एक प्यारे साथी का हाथों मे हाथ चाहिए,


कहूँ ना मै कुछ, समझ जाए वो सब कुछ,
दिल मे उस के, अपने लिए ऐसे जज़्बात चाहिए,
उस दोस्त के चोट लगने पर हम भी दो आँसू बहाने का हक़ रखें,
और हमारे उन आँसुओं को पोंछने वाला उसी का रूमाल चाहिए,